ॐ श्रीविष्णवे च विद्मिहे वासुदेवाय धीमहि तन्नो: विष्णुः प्रचोदयात।
ॐ त्रैलोक्यमोहनाय विद्मिहे आत्मारामाय धीमहि तन्नो: विष्णुः प्रचोदयात।।
सम्पूर्ण सृष्टि के पालक,योगियों के ध्यान में रमणीय और समस्त लोकों के एकमात्र स्वामी श्रीहरि के चरणों में कोटिशः नमन ।
श्री हरि सभी का कल्याण करें।ॐ_नमो_भगवते_वासुदेवाय_नमः

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